ब्लॉग या ब्लॉग्गिंग शब्द आज के समय में किसी के लिए भी नया नहीं है, वर्तमान समय में प्रतिदिन कुछ हज़ारों नए ब्लॉग पोस्ट प्रकाशित होते हैं। परन्तु ब्लॉग्गिंग की शुरुआत कब और कैसे हुई? यह अपने आप में एक रोचक कहानी है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे की ब्लॉग क्या होता है? ब्लॉग की खोज कब हुई और इसके विभिन्न रूप क्या हैं , तथा यह किस काम आता है?

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ब्लॉग क्या होता है? इसकी शुरुआत कब और कैसे हुई? (What is Blog in Hindi?)

आइये सबसे पहले हम ब्लॉग का अर्थ समझते हैं और जानते हैं की तकनिकी रूप से ब्लॉग को किस प्रकार परिभाषित किया जाता है।

ब्लॉग (Blog) का अर्थ है एक दैनिक डायरी जहाँ एक निर्धारित अंतराल के पश्चात कुछ न कुछ नई पाठ्य सामग्री प्रकाश में लाई जाती है। उदहारण के साथ विस्तार से जानने के लिए यूँ समझिये की जैसे एक पुस्तक का लेखक जब लिखने बैठता है तो वह प्रस्तावना से लेकर अंतिम पृष्ठ तक पूरा खाका तैयार करता है और अंततः उसे प्रकाशित करवा पाठकों को उपलब्ध करवा देता है। पर ब्लॉग के मामले में ऐसा नहीं है, ब्लॉग्गिंग का तात्पर्य उस लेखन शैली से है जो अनवरत है और साथ ही ऑनलाइन है।

ब्लॉग की शुरुआत जरूर है पर अंत कोई नहीं, जब तक ब्लॉगर चाहे तब तक पोस्ट लेखन के माध्यम से नित नई जानकारियां इंटरनेट पर प्रकाशित कर सकता है, बशर्ते कि वह अपनी इच्छा से सब कुछ डिलीट कर अपना ब्लॉग बंद करना चाहे तो वह एक अलग बात है।

ब्लॉग-क्या-होता-है

“ब्लॉग” शब्द की उत्पति (Etymology of word “Blog” – in Hindi)

ब्लॉग (Blog) शब्द अंग्रेजी के वेबलॉग(Weblog) का छोटा स्वरुप है। 1990 के आसपास जब इंटरनेट बाल्यावस्था में था तब कुछ सुचना प्रोधोगिकी इंजीनियर अपने सहकर्मियों के साथ कार्य सम्बंधित चर्चाओं के लिए ऐसी वेब साइट संचालित करते थे जहाँ सूचनाओं का प्रकाशन होता था। सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर रहते हुए भी वेबसाइट के जरिये एक दूसरे से जुड़े रहते थे।

उनकी इस छोटी सी खोज ने ही ब्लॉग को जन्म दिया, लोगों ने ब्लॉग लेखन को एक समय पर असंख्य लोगों से जुड़ने का माध्यम समझा और फिर इस क्षेत्र में दिन-दूनी, रात-चौगुनी तरक्की हुई। इसका स्वरुप बदला, इसके तरीके बदले और ब्लॉग लेखन सुगम होता चला गया। कालांतर में ब्लॉग के माध्यम से लोगों ने अपने निजी संस्मरण, यात्रा वृतांत, पाक कला, साहित्य, कविता, तकनीक, राजनीती, खेल और ऐसे अनेकों विषयों पर लिखना शुरू कर दिया।

ये लेखन इंटरनेट पर सभी के पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जाने लगा। इस पूरी प्रणाली को ब्लॉग्गिंग कहा जाने लगा और ब्लॉग लिखने वाले को ब्लॉगर कहा जाता है, ब्लॉग्गिंग और ब्लॉगर के बारे में इस लेख में हम आगे और विस्तार से समझायेंगे। आधुनिक ब्लॉगर अपने ब्लॉग का मुद्रीकरण (Monetization or Monetisation of Blog) भी कर रहे हैं जिससे वे अच्छे कंटेंट और ट्रैफिक के बदौलत ठीकठाक पैसा भी कमाने लगे हैं।  

साथ ही साथ इसका नाम वेबलॉग (Weblog) से लघु रूप में परिवर्तित हो कर केवल ब्लॉग (Blog) रह गया। Blog का हिंदी मीनिंग है ‘चिट्ठा‘, ‘वेब-दैनिकी‘ या फिर आम बोलचाल में इसे ‘ब्लॉग’ ही कहा जाता है।

ब्लॉग के विभिन्न प्रकार:

ब्लॉग्गिंग करने के विभिन्न कारण होते हैं, जैसे कुछ लोग अपने शौक के लिए ब्लॉग्गिंग करते हैं तो दूसरे लोग इसे एक व्यवसाय की तरह करते हैं और इससे धनार्जन भी करते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ ब्लॉग किसी विशेष प्रयोजन से भी बनाये जाते हैं, मानिये कहीं कोई बड़ी गोष्ठी या सम्मलेन है तो उससे सम्बंधित जो ब्लॉग बनेगा वह उस कार्यक्रम के आसपास सक्रिय रहेगा और फिर शायद एक समय पश्चात बंद ही हो जाए। इसके अलावा कुछ ब्लॉग ऐसे भी हो सकते हैं जो एक समूह विशेष के लिए ही लिखे जाते हैं और सार्वजनिक रूप से सबके लिए उपलब्ध नहीं होते। आइये आगे के भाग में एक-एक कर ब्लॉग या ब्लॉग्गिंग के विभिन्न प्रकारों से परिचित होते हैं।

निजी ब्लॉग (Personal Blog) :

निजी ब्लॉग अकसर किसी सेलिब्रिटी, खिलाड़ी या मशहूर व्यक्तियों द्वारा लिखे जाते हैं। पर निजी ब्लॉग्गिंग यहीं तक सिमित नहीं है, आप और हम जैसे लोग भी निजी ब्लॉग बनाते हैं। निजी ब्लॉग पर अपने संस्मरण, निजी अनुभव और सामान्य लेखन होता है। इसका सबसे बड़ा उदहारण है माननीय प्रधानमंत्री जी का ब्लॉग या फिर फिल्मों के महानायक श्री अमिताभ बच्चन का ब्लॉग

यहाँ आप पाएंगे की दोनों ही महानुभाव समय-समय पर अपने जीवन से जुड़े लेख आदि लिखते रहते हैं, जिनको लाखों लोग फॉलो करते हैं और उनकी अगली पोस्ट का इंतजार भी करते हैं। आप भी अपना निजी ब्लॉग बना सकते हैं, पर उसमे रूचि लेने वाले पाठक कितने होंगे यह आपकी लेखनी पर निर्भर करेगा।

व्यापार ब्लॉग (Business Blog):

कोई भी सेवा प्रदाता या उत्पादक अपने प्रोडक्ट की वेबसाइट पर एक ब्लॉग भी बनता है, जिसके माध्यम से वह अपने ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट या सेवा से सम्बंधित नियमित अपडेट आदि प्रदान करता रहता है। जिसका लाभ उसे और उसके ग्राहक दोनों को मिलता है। वह एक ब्लॉग पोस्ट द्वारा एक ही समय पर हज़ारों लोगों को यह बताने में सफल रहता है की उसके उत्पाद या सेवा के क्या-क्या फीचर हैं, उसे कैसे इस्तेमाल किया जाए आदि। ग्राहकों को यह लाभ होता है की वह जब चाहे इंटरनेट खोलकर उस प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में नवीनतम जानकारी ग्रहण कर लेते हैं।

यहाँ हम बिज़नस ब्लॉग्गिंग के 2 उदहारण पेश कर रहे हैं, पहला फ़ोन निर्माता एप्पल का ब्लॉग और दूसरा गूगल का आधिकारिक ब्लॉग . इन दोनों के ब्लॉग पर आप देखेंगे की कैसे ये नामी गिरामी कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं के बारे में लिखती रहती हैं। बस यही बिज़नेस ब्लॉग्गिंग है। मार्केटिंग

पेशेवर ब्लॉगिंग (Professional Blogging):

यह सबसे प्रसिद्ध ब्लॉग्गिंग का प्रकार है, आजकल यह खूब प्रचलन में है। बहुत से लोग पूर्णकालिक ब्लॉग्गिंग और वीडियो कंटेंट निर्माण में लगे हैं, वे अपने ऑनलाइन ब्लॉग या वीडियो चैनल से कुछ धन भी कमा लेते हैं। पेशेवर ब्लॉगर एक तरह से रोज़ कुछ न कुछ नया लिखित पोस्ट अथवा वीडियो अपलोड करते हैं और अपने कटेंट को ताज़ा बनाये रखते हैं। साथ ही वे अपने प्रतियोगियों के ब्लॉग और चैनलों का अध्यन भी करते रहते हैं और अपने ब्लॉग की सामग्री को SEO के माध्यम से संवारते रहते हैं।

सम्बंधित पोस्ट:  Hindi Blog Writing - हिंदी ब्लॉग लेखन सीखें

इस तरह के ब्लॉग का उदहारण हमारा अपना ब्लॉग भी है। हमारे अलावा आपको पहले से स्थापित ब्लॉग का उदहारण दें तो TechCrunch या Verge  को देख सकते हैं। इन दोनों पर विविध विषयों पर जानकारी छपती रहती है और इनकी पाठक संख्या भी बहुत अधिक है।

खास विषय पर ब्लॉग (Niche Blogging):

यह एक विषय विशेष पर की जाने वाली ब्लॉग्गिंग है, इसमें ब्लॉगर किसी खास विषय पर ब्लॉग्गिंग करता है और एक तरह से उस विषय में दक्षता के साथ उसका पूरा विवरण लिखता रहता है । इसके लिए ब्लॉगर को सबसे पहले अपने विषय (Niche) का चयन करना होता है और एक अनुक्रम में लेख लिखना होता है। Niche ब्लॉग्गिंग किस तरह की हो सकती हैं उसके कुछ उदहारण निचे सूची में लिखे हैं:

ब्लॉग्गिंग विषय#1 (Niche Examples)ब्लॉग्गिंग विषय#2 (Niche Examples)ब्लॉग्गिंग विषय#3 (Niche Examples)
सौंदर्य ब्लॉगफैशन ब्लॉगमनोरंजन ब्लॉग
फिटनेस ब्लॉगखाद्य ब्लॉगसंगीत ब्लॉग
फोटोग्राफी ब्लॉगखेल ब्लॉगयात्रा ब्लॉग
शिक्षा ब्लॉगजीवन शैली ब्लॉगकला ब्लॉग
राजनीति ब्लॉगतकनीक ब्लॉगसामाजिक ब्लॉग
हास्य ब्लॉगफिल्म ब्लॉगसंस्कृति ब्लॉग
शादी का ब्लॉगपुस्तक समीक्षा ब्लॉगभाषा ब्लॉग
नारीवादी ब्लॉगधार्मिक ब्लॉग….
ब्लॉग्गिंग के कुछ विषय

उपरोक्त विषय एक सिमित सूची ही है आप इसे प्रेरणा के तौर पर मान सकते हैं पर इसके इतर भी ब्लॉग्गिंग के अनेकों विषय हैं जो ब्लॉगर की रूचि के हिसाब से हो सकते हैं।

सीमित ब्लॉग:

यह वह ब्लॉग्गिंग का प्रकार है जिसके तहत बने ब्लॉग सार्वजनिक रूप से इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं होते, ये बड़ी कॉर्पोरेट संस्था या शिक्षण संस्थाओं द्वारा सिमित दायरे में केवल अपने इंट्रानेट पर देखे और पढ़े जा सकते हैं। इनमे लिखी गई सामग्री आंतरिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण होती है और अपने सहकर्मियों या छात्रों के लिए ही प्रेषित की जाती है। इसको लिमिटेड ब्लॉग्गिंग भी कहा जा सकता है, और इसके उदहारण हम चाह कर भी इंटरनेट से देख नहीं सकते।

इस प्रकार के ब्लॉग द्वारा बड़े समूहों को जरुरी जानकारी प्रदान करने में आसानी होती है, बहुराष्ट्रीय कंपनियां ब्लॉग के माध्यम से विभिन्न देशों में काम कर रहे अपने हज़ारों कर्मचारियों को इसके द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करती हैं।

ब्लॉग्गिंग क्या है?

ब्लॉग लिखने की प्रक्रिया को ब्लॉग्गिंग कहा जाता है, यह अंशकालिक (Part Time) या फिर पूर्णकालिक (Full Time) दोनों तरह की हो सकती है। खाली समय में शौक के तौर पर की जाने वाली ब्लॉग्गिंग को पार्ट टाइम ब्लॉग्गिंग कहा जाता है और अपने पेशे के तौर पर की जाने वाली ब्लॉग्गिंग को पूर्णकालिक ब्लॉग्गिंग कहा जा सकता है। ब्लॉग्गिंग के लिए आवश्यक है एकाग्रचित हो कर थोड़े समय का निवेश करना, किसी विषय पर आपकी अच्छी पकड़ होना और आपकी लेखनी की पैनी धार का होना। इसके अलावा आपको 2 छोटे-छोटे साधन चाहियें, पहला एक Domain Name और दूसरी एक अदद Web Hosting.

आप अपना ब्लॉग कैसे शुरू करें इसके बारे में हमारा ब्लॉग शुरू करने से सम्बंधित पोस्ट पढ़ें।

ब्लॉग्गिंग करने के लाभ:  

  • आप अपना शौक पूरा कर सकते हैं और प्रसिद्धि पा सकते हैं
  • यदि आप चाहें तो अपने ब्लॉग द्वारा धन भी कमा सकते हैं
  • आपकी किसी विषय पर गहरी समझ है तो आप अपने ब्लॉग द्वारा दूसरों का मार्गदर्शन भी कर सकते हैं
  • आपके द्वारा लिखे ब्लॉग पर लोगों द्वारा कमेंट आदि किये जाते हैं, आप उनका जवाब देकर चर्चाओं में भाग ले सकते हैं

ब्लॉगर का अर्थ क्या होता है?

साधारण शब्दों में ब्लॉगर का हिंदी मीनिंग: जो व्यक्ति ब्लॉग को चलाता है और उसे नियंत्रण करता है वह ब्लॉगर कहलाता है, ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर पाठकों के लिए नियमित पोस्ट लिखता रहता है तथा उसकी साज़ सज्जा और सुरक्षा का ध्यान रखता है।

ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर प्रभवशाली लेखन से बहुत से आवश्यक मुद्दों पर लिखते हैं, जैसे पर्यावरण , मानवाधिकार और राजनीती। कई देशों में ब्लागरों ने सरकारों तक को हिला कर रख दिया, जीसके चलते कई बार उनपर प्रतिबंध आदि भी लगते रहे हैं। इसके अलावा ब्लॉगर लोगों को अनेक क्षेत्रों से जुड़ी नई जानकारी देने का प्रयास भी करते हैं। आज के समय में ब्लॉगर होना अपने आप में सम्मान का विषय है, आप ब्लॉगर के रूप में एक बार थोड़ा स्थापित हो जाते हैं तो आपके चाहने वालों की संख्या जल्द ही लाखों में पहुँच जाती है। ब्लॉगर बनने के लिए कोई अलग से पढाई नहीं करनी होती है, यह स्वाध्याय और इंटरनेट पर सीख कर ही किया जाता है।

ब्लॉगर पैसा कैसे कमाते हैं?

  • ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर Google AdSense के इश्तेहारों द्वारा पैसा कमाते हैं
  • दूसरा प्रसिद्ध तरीका है एफिलिएट मार्केटिंग द्वारा पैसा कमाना
  • इसके अलावा ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर ऑनलाइन कोर्स आदि बेच कर भी पैसा कमाते हैं
  • ब्लॉग से पैसा कमाने की अधिक जानकारी के लिए आप हमारी यह पोस्ट पढ़ सकते हैं

यहाँ यह बताना बहुत आवश्यक है की ब्लॉग से पैसा कमाना एक धीमी और सतत प्रकिया है। एक ब्लॉग को शुरू होने से लेकर पैसा कमाने वाली स्थिति में पहुंचने में कुछ महीने लग सकते हैं। इसलिए आपसे निवेदन है की यदि आप ब्लॉगर बनाना चाह रहें हैं तो धैर्य से काम लें और समय का निवेश करें तभी अच्छे नतीजे मिलेंगे। बिना संयम के ब्लॉग्गिंग में रोज़ हज़ारों लोग कूदते हैं और जल्द ही शांत हो जाते हैं।

ब्लॉग, ब्लॉग्गिंग और ब्लॉगर से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी (Blog FAQs in Hindi)

ब्लॉग विधा को विस्तार से जानने के लिए निचे दिए प्रश्न और उत्तर आप की सहायता के लिए प्रस्तुत हैं, आशा करते हैं की आपको ब्लॉग सम्बंधित बेसिक सवाल और उनके जवाब यहां मिलेंगे।

ब्लॉग बनाने के लिए क्या चाहिए?

ब्लॉग बनाने के लिए सबसे पहले किसी विषय में आपकी रूचि और साथ ही थोड़ा सा समय चाहिए। इसके अलावा कुछ ब्लॉग्गिंग टूल्स की जरुरत पड़ती है जो या तो मुफ्त उपलब्ध हैं या फिर मामूली कीमत चुकाने पर मिल जाते हैं। एक अच्छा ब्लॉग बनाने के लिए आपको डोमेन नाम, वेब होस्टिंग और थोड़ी सी मेहनत चाहिए

क्या ब्लॉग बनाने के लिए किसी सॉफ्टवेयर कोर्स की जरुरत है?

नहीं, आप बिना किसी टेक्निकल डिग्री के ब्लॉग बना सकते हैं। न्यूनतम शिक्षा और इंटरनेट की बेसिक नॉलेज काफी है ब्लॉग बनाने के लिए। बहुत से ब्लॉगर तो अभी स्कूली शिक्षा ही ले रहे होते हैं पर ब्लॉग्गिंग फील्ड में शानदार परफॉर्म कर रहे होते हैं।

मुफ्त में ब्लॉग कैसे बनाएं? (Free Mein Blog Kaisey Banta Hai)

Google की Blogger सेवा और WordPress दो मुख्य ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म हैं जहाँ से मुफ़्त ब्लॉग की शुरुआत की जा सकती है. जो बंधू बिलकुल नए हैं और तकनिकी रूप से तंग हाथ हैं वे Blogger से शुरू करें , यह ज्यादा सरल रहता है.

ब्लॉग से पैसे कैसे कमाएं?(Blog se paisa kaisey banayein)

ब्लॉग से पैसा कमाना एक दूरगामी क्रिया है, इसके लिए संयम, परिश्रम और थोड़ा समय लगता है। किसी भी ब्लॉग पर शुरुआत में पठनीय व् रुचिकर सामग्री संग्रहित करें उसके बाद ही पैसा कमाने के विषय में सोचें अन्यथा परिणाम आशा अनुरूप नहीं आते।

अपने ब्लॉग को प्रसिद्ध बनाने के लिए क्या करें?

ब्लॉग की प्रसिद्धि के लिए कोई शॉर्टकट फॉर्मूला नहीं है, जब भी लिखें पाठकों को ध्यान में रख कर लिखें। कुछ समय में परिणाम अपने आप दिखने शुरू हो जायेंगे।

हिंदी भाषा में नया ब्लॉग कैसे बनाएं? (New Hindi Blog Kaisey Banaye?)

ब्लॉग चाहे हिंदी में हो या अंग्रेजी में, उसे स्थापित करने के लिए उपयोग में लिए जाने वाले तरीके एक सामान ही होते हैं। कुछ सेटिंग्स को बदल कर आप ब्लॉग की भाषा हिंदी कर सकते हैं। ज्यादा विस्तार से पढ़ने के लिए हमारे लेख नया ब्लॉग कैसे बनाएं? पढ़ें।

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